Saturday, September 3, 2022

26 सितंबर 2022 से शरदकालीन नवरात्रि अश्विन मास शुक्लपक्ष प्रारम्भ होंगे और 4अक्टूबर 2022 तक रहेगें।

       

                             


               26  सितंबर, 2022  शारद कालीन  नवरात्रि अश्विन मास शुक्लपक्ष  की प्रारम्भ होने जा रहा  है। 3  अक्टूबर  को सरस्वती पूजन , दुर्गा अष्टमी , 4  अक्टूबर  को महानवमी पूजन, 5 अक्टूबर  विजयशशमी, सरस्वती विसर्जन होगा. कलश और देवी शैल की पुत्री की स्थापना के रूप में पूजा और व्रत, तिथि 26 सितम्बर  , 2022 , तिथि प्रतिपदा, तिथि । शुभ मुहूर्त में पीला रंग बनाएं। शुभ मुहूर्त 06-19  घंटे से प्रातः 6 .00 बजे तक 19  मिनट तक हो सकता है। अगर समय की कमी हो तो आप अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11.46 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक कलश की स्थापना कर सकते हैं. सूर्य, नवैद्य , फल, रोल, मौली, केशर, अभोर, गुलाल, सुखी  मेहंदी,कलश , सिंदूर, कपूर, पांच मेवा, जल नारियल, इलायची मां को समर्पित करना चाहिए। 


          ॐ चण्डिका देवी को नमस्कार है। 

1.   शुक्लपक्ष की प्रतिपदा   26-9-2022    प्रथम  नाम शैलपुत्री की आराधना की जाती हैं।

 2.    द्वितीया तिथि             27-9-2022       माता ब्रह्म चारिणी की आराधना की जाती हैं।

  3    तृतीया तिथि             28-9-2022   तीसरा स्वरुप चंद्रघंटा की आराधना की जाती हैं।

 4     चतुर्थी तिथि             29-9-2022 चौथी मूर्ति को कूष्माण्डा की आराधना की जाती हैं।

  5     पंचमी तिथि          30-9-2022 पाँचवी दुर्गा का नाम स्कन्दमाता की आराधना की जाती हैं। 

  6   षष्ठी तिथि नवरात्रि    1-10-2022 देवी के छठे स्वरूप कात्यायनी देवी की आराधना की जाती हैं।

  7      सप्तमी तिथि        2- 10-2022 दुर्गा के  सातवाँ स्वरुप कालरात्रि देवी की आराधना की जाती हैं।

   8       अष्टमी तिथि        3-10-2022 आठवां स्वरुप महागौरी की आराधना की जाती हैं।

   9        नवमी तिथि       4-10-2022 नवीं दुर्गा मां सिद्विदात्री की आराधना की जाती हैं।

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